मुख्य पूजन : कालसर्प दोष, पितृ दोष,मंगल भात, मां बगलामुखी जाप,ग्रहण योग, वास्तु शांति, महामृत्युंजय जाप,रुद्राभिषेक पूजा,चांडाल दोष,विष दोष, नवग्रह जाप, कुंभ विवाह,ऋण मुक्ति,नवचंडी/सतचंडी,नाग वली,नारायण वली, मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा,बगलामुखी हवन, भैरव हवन एवं समस्त मांगलिक कार्य विधि विधान से सम्पन्न करवाये जाते हे कुंडली बनवाने के लिए संपर्क करें:-9754843406

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Pandit Jagadish Chandra

संस्कारों की भूमि उज्जैन से, जहाँ धर्म और वेद एक साथ गूंजते हैं — वहीं से आरंभ हुआ पंडित जगदीश चंद्र जी का आध्यात्मिक सफर। बाल्यकाल से ही धर्म, वेद और संस्कारों के प्रति अगाध श्रद्धा रखने वाले पंडित जगदीश चंद्र जी ने शिक्षा प्राप्त कर वेद-विज्ञान, अनुष्ठान विधि और संस्कार शास्त्र में गहरी सिद्धि प्राप्त की है। 20 वर्षों का दिव्य अनुभव – आपकी समस्याओं का आध्यात्मिक समाधान: कालसर्प दोष निवारण (उज्जैन में वैदिक पद्धति से विशेष प्रतिष्ठा) महामृत्युंजय जाप, दुर्गा सप्तशती पाठ ग्रह दोष, मंगल दोष, पितृ दोष, श्रापित दोष, चांडाल दोष कुम्भ विवाह, अर्क विवाह, ग्रहण दोष, केंद्र दोष कुंडली विश्लेषण, पत्रिका मिलान गृह प्रवेश, विवाह, व्यापार बाधा निवारण पूजन क्यों चुनें पंडित जगदीश चंद्र जी पूर्ण वैदिक विधियों द्वारा अनुष्ठान अनुभव, ज्ञान और श्रद्धा का त्रिवेणी संगम आध्यात्मिक समाधान जो केवल पूजा नहीं, ऊर्जा है ।
✔पंडित जी को 20+ वर्षो का अनुभव हैं|
✔ऑनलाइन बुकिंग उपलब्ध है |
✔ऑनलाइन पूजन भी किया जाता है |
✔जन्म कुंडली देखी जाती हैं

Mangalnath Mandir Ujjain

Mangalnath Temple मध्यप्रदेश के उज्जैन में स्थित एक प्राचीन और अत्यंत पवित्र मंदिर है, जिसे मंगल ग्रह (Mars) का जन्मस्थान माना जाता है। यह मंदिर पवित्र Shipra River के तट पर स्थित है और ज्योतिष तथा धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। प्राचीन ग्रंथों और मान्यताओं के अनुसार यहाँ Mangal Dev का प्राकट्य हुआ था, इसलिए यह स्थान मंगल दोष और ग्रह शांति पूजा के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है। देश-विदेश से भक्त यहाँ मंगल दोष निवारण, भात पूजा और विशेष अनुष्ठान कराने आते हैं।
✔मंगल ग्रह का जन्मस्थान
✔मंगल दोष निवारण
✔ उज्जैन का प्रसिद्ध तीर्थ
✔शिप्रा नदी के किनारें

Maa Baglamukhi Mandir Nalkheda

मध्यप्रदेश के नलखेड़ा में स्थित Maa Baglamukhi Temple देवी माँ बगलामुखी के प्रमुख और प्राचीन सिद्धपीठों में से एक माना जाता है। यह मंदिर लखुंदर (लखुंदर) नदी के तट पर स्थित है और तंत्र साधना के लिए अत्यंत प्रसिद्ध है। मान्यता है कि प्राचीन काल में यहाँ ऋषि-मुनियों और तांत्रिकों ने माँ बगलामुखी की कठोर साधना की थी, जिससे यह स्थान सिद्धपीठ बन गया। माँ बगलामुखी को दस महाविद्याओं में से आठवीं महाविद्या माना जाता है, जो शत्रुओं पर विजय, न्याय और संकटों से रक्षा प्रदान करती हैं। दूर-दूर से भक्त यहाँ शत्रु बाधा, कोर्ट केस, और विजय प्राप्ति के लिए पूजा-अनुष्ठान कराने आते हैं।
✔ऑनलाइन बुक करें दिव्य बगलामुखी अनुष्ठान
✔शत्रु विजय की देवी
✔ महाभारत से जुड़ी मान्यता
✔तंत्र साधना का केंद्र

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